उत्पन्ना एकादशी

उत्पन्ना एकादशी २०२६ कब है?

Utpanna Ekadashi 2026 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय

Utpanna Ekadashi 2026 kab hai? — tithi, date aur samay

२०२६ में उत्पन्ना एकादशी
4 दिसंबर 2026, शुक्रवार
बंगला तारीख़ — १८ अग्रहायण १४३३
उस दिन का संपूर्ण पंचांग देखिए →

यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — उत्पन्ना ग्यारस। रोमन हरफ़ में — Utpanna Ekadashi, Utpanna Gyaras।

उत्पन्ना एकादशी २०२६ — तिथि का समय

एकादशी आरंभ
एकादशी समाप्त
सूर्योदय
सुबह ६:५९
सूर्यास्त
संध्या ५:२४

समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।

उत्पन्ना एकादशी २०२६ — शुभ और अशुभ मुहूर्त

(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)

✨ शुभ समय

⛔ अशुभ समय

नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →

उत्पन्ना एकादशी — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें

वर्षअंग्रेज़ी तारीख़वारबंगला तारीख़
२०२५15 नवंबर 2025शनिवार२९ कार्तिक १४३२
२०२६4 दिसंबर 2026शुक्रवार१८ अग्रहायण १४३३
२०२७24 नवंबर 2027बुधवार७ अग्रहायण १४३४
२०२८12 नवंबर 2028रविवार२६ कार्तिक १४३५
२०२९2 दिसंबर 2029रविवार१६ अग्रहायण १४३६
२०३०21 नवंबर 2030गुरुवार५ अग्रहायण १४३७

तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।

विदेश में रहते हों तो उत्पन्ना एकादशी कब?

इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →

उत्पन्ना एकादशी किस तिथि को?

चांद्र कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।

उत्पन्ना एकादशी का महत्व

अग्रहायण कृष्ण एकादशी। एकादशी व्रत की उत्पत्ति तिथि।

पूजा विधि और समय

कैसे मनाया जाता है

उपवास रखें और विष्णु की पूजा करें।

शुभ समय

पूरे दिन

मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

सामान्य प्रश्न

उत्पन्ना एकादशी २०२६ कब है?

२०२६ में उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार, बंगला १८ अग्रहायण १४३३ को है।

उत्पन्ना एकादशी २०२६ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?

एकादशी तिथि आरंभ ३ दिसंबर रात ११:०४, समाप्त ४ दिसंबर रात ११:४५। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:५९ और सूर्यास्त संध्या ५:२४। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।

उत्पन्ना एकादशी की पूजा का शुभ समय कब है?

पूरे दिन

आने वाले वर्षों में उत्पन्ना एकादशी कब है?

२०२५ में 15 नवंबर 2025 (शनिवार), २०२७ में 24 नवंबर 2027 (बुधवार), २०२८ में 12 नवंबर 2028 (रविवार).

पिछले साल उत्पन्ना एकादशी कब था?

15 नवंबर 2025, शनिवार (बंगला तारीख़ २९ कार्तिक १४३२)।

उत्पन्ना एकादशी हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?

उत्पन्ना एकादशी अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।

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