संकट चतुर्थी व्रत २०२६ & २०२७ कब है?

Sankat Chaturthi Vrat 2027 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय

Sankat Chaturthi Vrat 2026 & 2027 kab hai? — tithi, date aur samay

२०२७ में संकट चतुर्थी व्रत
24 फ़रवरी 2027, बुधवार
बंगला तारीख़ — ११ फाल्गुन १४३३
उस दिन का संपूर्ण पंचांग देखिए →

यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — संकष्टी चतुर्थी, संकटनाशिनी दुर्गा पूजा। रोमन हरफ़ में — Sankat Chaturthi, Sankashti Chaturthi, Sankashti Chaturthi Magh।

संकट चतुर्थी व्रत २०२७ — तिथि का समय

चतुर्थी आरंभ
चतुर्थी समाप्त
सूर्योदय
सुबह ६:५२
सूर्यास्त
संध्या ६:१७

समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।

संकट चतुर्थी व्रत २०२७ — शुभ और अशुभ मुहूर्त

(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)

✨ शुभ समय

⛔ अशुभ समय

नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →

संकट चतुर्थी व्रत — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें

वर्षअंग्रेज़ी तारीख़वारबंगला तारीख़
२०२५16 फ़रवरी 2025रविवार४ फाल्गुन १४३१
२०२६5 फ़रवरी 2026गुरुवार२२ माघ १४३२
२०२७24 फ़रवरी 2027बुधवार११ फाल्गुन १४३३
२०२८13 फ़रवरी 2028रविवार२९ माघ १४३४
२०२९2 फ़रवरी 2029शुक्रवार१९ माघ १४३५
२०३०21 फ़रवरी 2030गुरुवार८ फाल्गुन १४३६

तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।

विदेश में रहते हों तो संकट चतुर्थी व्रत कब?

इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →

संकट चतुर्थी व्रत किस तिथि को?

चांद्र माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।

संकट चतुर्थी व्रत का महत्व

माघ कृष्ण चतुर्थी (बंगाल की अमांत गणना से; पूर्णिमांत गणना में फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी)। इस पंचांग में संकट चतुर्थी व्रत, उसी दिन श्रीश्री संकटनाशिनी दुर्गा पूजा। यह व्रत गणेश जी के निमित्त, संकटों से मुक्ति की कामना से रखा जाता है। इस पंचांग में व्रत उदय-तिथि से — जिस दिन सूर्योदय के समय चतुर्थी हो, उसी दिन; पूजा और अर्घ्य चंद्रोदय के बाद।

पूजा विधि और समय

कैसे मनाया जाता है

दिन भर उपवास; शाम को गणेश पूजा और व्रत कथा, चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर उपवास खोला जाता है।

शुभ समय

चंद्रोदय के बाद

सामान्य प्रश्न

संकट चतुर्थी व्रत २०२७ कब है?

२०२७ में संकट चतुर्थी व्रत 24 फ़रवरी 2027, बुधवार, बंगला ११ फाल्गुन १४३३ को है।

संकट चतुर्थी व्रत २०२७ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?

चतुर्थी तिथि आरंभ २३ फ़रवरी रात ९:५०, समाप्त २४ फ़रवरी रात ८:४१। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:५२ और सूर्यास्त संध्या ६:१७। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।

संकट चतुर्थी व्रत की पूजा का शुभ समय कब है?

चंद्रोदय के बाद

आने वाले वर्षों में संकट चतुर्थी व्रत कब है?

२०२५ में 16 फ़रवरी 2025 (रविवार), २०२६ में 5 फ़रवरी 2026 (गुरुवार), २०२८ में 13 फ़रवरी 2028 (रविवार).

पिछले साल संकट चतुर्थी व्रत कब था?

5 फ़रवरी 2026, गुरुवार (बंगला तारीख़ २२ माघ १४३२)।

संकट चतुर्थी व्रत हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?

संकट चतुर्थी व्रत अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।

त्योहार की तिथि और पंचांग फ़ोन पर देखेंमुफ़्त एंड्रॉयड ऐप · पंचांग, कुंडली और दैनिक सूचनाएँ Get it on Google Play
त्योहार की तिथि सबके लिए एक — आपकी कुंडली केवल आपकी
जन्म तिथि, जन्म समय और स्थान दें और पूरी जन्मकुंडली, दशा व गोचर पाएँ — नि:शुल्क।
🔯 अपनी कुंडली नि:शुल्क देखें 💬 डॉ. आचार्य से बात करें

और देखें

संबंधित त्योहार