रास पूर्णिमा २०२६ कब है?
Raas Purnima 2026 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Raas Purnima 2026 kab hai? — tithi, date aur samay
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली। रोमन हरफ़ में — Raas Purnima, Kartik Purnima, Dev Deepawali, Rash Purnima, Ras Purnima, Ras Yatra, Rasa Purnima, Rash Utsav।
रास पूर्णिमा २०२६ — तिथि का समय
- पूर्णिमा आरंभ
- पूर्णिमा समाप्त
- सूर्योदय
- सुबह ६:५१
- सूर्यास्त
- संध्या ५:२५
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
रास पूर्णिमा २०२६ — शुभ और अशुभ मुहूर्त
(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)
✨ शुभ समय
- लाभ चौघड़िया: सुबह १०:४९ – दोपहर १२:०८
- अभिजित मुहूर्त: सुबह ११:४७ – दोपहर १२:२९
- अमृत चौघड़िया: दोपहर १२:०८ – दोपहर १:२७
- शुभ चौघड़िया: अपराह्न २:४६ – अपराह्न ४:०५
⛔ अशुभ समय
- रोग चौघड़िया: सुबह ६:५१ – सुबह ८:१०
- उद्वेग चौघड़िया: सुबह ८:१० – सुबह ९:२९
- काल चौघड़िया: दोपहर १:२७ – अपराह्न २:४६
- राहु काल: अपराह्न २:४६ – अपराह्न ४:०५
- रोग चौघड़िया: अपराह्न ४:०५ – संध्या ५:२५
नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →
रास पूर्णिमा — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 5 नवंबर 2025 | बुधवार | १९ कार्तिक १४३२ |
| २०२६ | 24 नवंबर 2026 | मंगलवार | ८ अग्रहायण १४३३ |
| २०२७ | 14 नवंबर 2027 | रविवार | २७ कार्तिक १४३४ |
| २०२८ | 2 नवंबर 2028 | गुरुवार | १६ कार्तिक १४३५ |
| २०२९ | 21 नवंबर 2029 | बुधवार | ५ अग्रहायण १४३६ |
| २०३० | 10 नवंबर 2030 | रविवार | २४ कार्तिक १४३७ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो रास पूर्णिमा कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
रास पूर्णिमा किस तिथि को?
चांद्र कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।
रास पूर्णिमा का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा को श्रीकृष्ण की रासलीला। गुरु नानक जयंती।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
राधा-कृष्ण की पूजा करें। कीर्तन करें।
शुभ समय
संध्या से रात्रि तक
मंत्र
सामान्य प्रश्न
रास पूर्णिमा २०२६ कब है?
२०२६ में रास पूर्णिमा 24 नवंबर 2026, मंगलवार, बंगला ८ अग्रहायण १४३३ को है।
रास पूर्णिमा २०२६ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?
पूर्णिमा तिथि आरंभ २३ नवंबर रात ११:४२, समाप्त २४ नवंबर रात ८:२३। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:५१ और सूर्यास्त संध्या ५:२५। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
रास पूर्णिमा की पूजा का शुभ समय कब है?
संध्या से रात्रि तक
आने वाले वर्षों में रास पूर्णिमा कब है?
२०२५ में 5 नवंबर 2025 (बुधवार), २०२७ में 14 नवंबर 2027 (रविवार), २०२८ में 2 नवंबर 2028 (गुरुवार).
पिछले साल रास पूर्णिमा कब था?
5 नवंबर 2025, बुधवार (बंगला तारीख़ १९ कार्तिक १४३२)।
रास पूर्णिमा हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?
रास पूर्णिमा अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।