पापांकुशा एकादशी २०२६ कब है?
Papankusha Ekadashi 2026 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Papankusha Ekadashi 2026 kab hai? — tithi, date aur samay
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — पापांकुशा ग्यारस। रोमन हरफ़ में — Papankusha Ekadashi, Papankusha Gyaras, Pashankusha Ekadashi।
पापांकुशा एकादशी २०२६ — तिथि का समय
- एकादशी आरंभ
- एकादशी समाप्त
- सूर्योदय
- सुबह ६:२६
- सूर्यास्त
- संध्या ५:४५
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
पापांकुशा एकादशी २०२६ — शुभ और अशुभ मुहूर्त
(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)
✨ शुभ समय
- शुभ चौघड़िया: सुबह ६:२६ – सुबह ७:५१
- अभिजित मुहूर्त: सुबह ११:४३ – दोपहर १२:२८
- लाभ चौघड़िया: दोपहर १२:०६ – दोपहर १:३०
- अमृत काल: दोपहर १:१९ – अपराह्न २:४८
- अमृत चौघड़िया: दोपहर १:३० – अपराह्न २:४८
⛔ अशुभ समय
- रोग चौघड़िया: सुबह ७:५१ – सुबह ९:१६
- उद्वेग चौघड़िया: सुबह ९:१६ – सुबह १०:४१
- राहु काल: दोपहर १:३० – अपराह्न २:४८
नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →
पापांकुशा एकादशी — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 3 अक्टूबर 2025 | शुक्रवार | १६ आश्विन १४३२ |
| २०२६ | 22 अक्टूबर 2026 | गुरुवार | ५ कार्तिक १४३३ |
| २०२७ | 11 अक्टूबर 2027 | सोमवार | २४ आश्विन १४३४ |
| २०२८ | 29 सितंबर 2028 | शुक्रवार | १३ आश्विन १४३५ |
| २०२९ | 17 अक्टूबर 2029 | बुधवार | ३० आश्विन १४३६ |
| २०३० | 7 अक्टूबर 2030 | सोमवार | २० आश्विन १४३७ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो पापांकुशा एकादशी कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
पापांकुशा एकादशी किस तिथि को?
चांद्र आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।
पापांकुशा एकादशी का महत्व
आश्विन शुक्ल एकादशी। पाप के अंकुश का नाश करती है — समस्त पापों से मुक्ति और मोक्ष देने वाली एकादशी।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
उपवास रखें और विष्णु की पूजा करें। संध्या में दीप जलाएँ।
शुभ समय
पूरे दिन
मंत्र
सामान्य प्रश्न
पापांकुशा एकादशी २०२६ कब है?
२०२६ में पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार, बंगला ५ कार्तिक १४३३ को है।
पापांकुशा एकादशी २०२६ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?
एकादशी तिथि आरंभ २१ अक्टूबर अपराह्न २:१२, समाप्त २२ अक्टूबर अपराह्न २:४८। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:२६ और सूर्यास्त संध्या ५:४५। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
पापांकुशा एकादशी की पूजा का शुभ समय कब है?
पूरे दिन
आने वाले वर्षों में पापांकुशा एकादशी कब है?
२०२५ में 3 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार), २०२७ में 11 अक्टूबर 2027 (सोमवार), २०२८ में 29 सितंबर 2028 (शुक्रवार).
पिछले साल पापांकुशा एकादशी कब था?
3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार (बंगला तारीख़ १६ आश्विन १४३२)।
पापांकुशा एकादशी हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?
पापांकुशा एकादशी अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।