महालया २०२६ & २०२७ कब है?
Mahalaya 2027 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Mahalaya 2026 & 2027 kab hai? — tithi, date aur samay
पितृ पक्ष २०२७ — आरंभ 16 सितंबर 2027, समाप्ति 30 सितंबर 2027 (इसी दिन)।
दुर्गा पूजा २०२७ — षष्ठी से दशमी तक सभी दिनों की तारीख़ और समय एक पन्ने पर देखें →
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — महालया अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या, तर्पण। रोमन हरफ़ में — Mahalaya, Mahalaya Amavasya, Sarva Pitru Amavasya, Tarpan, Durga Puja, Devipaksha, Mohaloya।
महालया २०२७ — तिथि का समय
- अमावस्या आरंभ
- अमावस्या समाप्त
- सूर्योदय
- सुबह ६:१३
- सूर्यास्त
- संध्या ६:०९
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
महालया २०२७ — शुभ और अशुभ मुहूर्त
(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)
✨ शुभ समय
- शुभ चौघड़िया: सुबह ६:१३ – सुबह ७:४३
⛔ अशुभ समय
- रोग चौघड़िया: सुबह ७:४३ – सुबह ८:०६
नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →
महालया — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 21 सितंबर 2025 | रविवार | ४ आश्विन १४३२ |
| २०२६ | 10 अक्टूबर 2026 | शनिवार | २३ आश्विन १४३३ |
| २०२७ | 30 सितंबर 2027 | गुरुवार | १३ आश्विन १४३४ |
| २०२८ | 18 सितंबर 2028 | सोमवार | २ आश्विन १४३५ |
| २०२९ | 7 अक्टूबर 2029 | रविवार | २० आश्विन १४३६ |
| २०३० | 27 सितंबर 2030 | शुक्रवार | १० आश्विन १४३७ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो महालया कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
महालया किस तिथि को?
चांद्र भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।
महालया का महत्व
भाद्री कृष्ण अमावस्या को महातर्पण। पितृपक्ष की समाप्ति और दुर्गापूजा का आरंभ।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
भोर 4 बजे उठकर आकाशवाणी पर महिषासुरमर्दिनी सुनें। गंगा या निकटवर्ती तालाब पर जाकर काले तिल, कुश और जल से पितरों के नाम तर्पण करें। कौओं को भोजन एवं दूध-भात दें। घर में तोप की भाँति पटाखे और शंख बजाएँ।
शुभ समय
भोर 4 बजे से प्रातः 8 बजे तक
मंत्र
सामान्य प्रश्न
महालया २०२७ कब है?
२०२७ में महालया 30 सितंबर 2027, गुरुवार, बंगला १३ आश्विन १४३४ को है।
महालया २०२७ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?
अमावस्या तिथि आरंभ २९ सितंबर सुबह १०:५६, समाप्त ३० सितंबर सुबह ८:०६। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:१३ और सूर्यास्त संध्या ६:०९। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
महालया की पूजा का शुभ समय कब है?
भोर 4 बजे से प्रातः 8 बजे तक
आने वाले वर्षों में महालया कब है?
२०२५ में 21 सितंबर 2025 (रविवार), २०२६ में 10 अक्टूबर 2026 (शनिवार), २०२८ में 18 सितंबर 2028 (सोमवार).
पिछले साल महालया कब था?
10 अक्टूबर 2026, शनिवार (बंगला तारीख़ २३ आश्विन १४३३)।
महालया हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?
महालया अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।