कोजागरी लक्ष्मी पूजा

कोजागरी लक्ष्मी पूजा २०२६ कब है?

Kojagari Lakshmi Puja 2026 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय

Kojagari Lakshmi Puja 2026 kab hai? — tithi, date aur samay

२०२६ में कोजागरी लक्ष्मी पूजा
25 अक्टूबर 2026, रविवार
बंगला तारीख़ — ८ कार्तिक १४३३
उस दिन का संपूर्ण पंचांग देखिए →

यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — शरद पूर्णिमा, कोजागर व्रत, लक्ष्मी पूजा। रोमन हरफ़ में — Kojagari Lakshmi Puja, Sharad Purnima, Laxmi Puja, Kojagara Vrat, Kojagari Laxmi Puja, Lakhi Puja, Lokkhi Pujo।

दीपावली की लक्ष्मी पूजा अलग पूजा है — कार्तिक अमावस्या को, काली पूजा के साथ। उसकी तारीख़: काली पूजा व दीपावली २०२६ →

कोजागरी लक्ष्मी पूजा २०२६ — तिथि का समय

पूर्णिमा आरंभ
पूर्णिमा समाप्त
सूर्योदय
सुबह ६:२८
सूर्यास्त
संध्या ५:४२

समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा २०२६ — पूजा का शुभ मुहूर्त और समय

लक्ष्मी पूजा (प्रदोष काल)
– संध्या ७:१४

प्रदोष = सूर्यास्त से ९६ मिनट (४ दंड)।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें

वर्षअंग्रेज़ी तारीख़वारबंगला तारीख़
२०२५6 अक्टूबर 2025सोमवार१९ आश्विन १४३२
२०२६25 अक्टूबर 2026रविवार८ कार्तिक १४३३
२०२७14 अक्टूबर 2027गुरुवार२७ आश्विन १४३४
२०२८3 अक्टूबर 2028मंगलवार१७ आश्विन १४३५
२०२९21 अक्टूबर 2029रविवार४ कार्तिक १४३६
२०३०10 अक्टूबर 2030गुरुवार२३ आश्विन १४३७

तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।

विदेश में रहते हों तो कोजागरी लक्ष्मी पूजा कब?

इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →

कोजागरी लक्ष्मी पूजा किस तिथि को?

चांद्र आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि। कोजागरी रात्रिकालीन पूजा है — जिस दिन रात (प्रदोष और निशीथ) में पूर्णिमा हो, उसी दिन; दो दिनों में बँटे तो जिस दिन प्रदोष में पूर्णिमा हो।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा का महत्व

आश्विन पूर्णिमा को लक्ष्मी पूजा। "को जागर्ति?" — कौन जाग रहा है? देवी स्वयं इस रात्रि पृथ्वी पर आकर पूछती हैं।

पूजा विधि और समय

कैसे मनाया जाता है

आँगन और घर में अल्पना बनाएँ। संध्या में लक्ष्मी के सरा की पूजा करें। दीप जलाएँ। रातभर जागरण करें। नारियल के लड्डू, मुरकी, चिड़ा और फल अर्पित करें। अगले दिन तालाब में लक्ष्मी का सरा प्रवाहित करें।

शुभ समय

लक्ष्मी पूजा (प्रदोष काल): २५ अक्टूबर संध्या ५:३८ – संध्या ७:१४।

मंत्र

पुष्पांजलि: ॐ नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात् त्वदर्चनात्॥ प्रणाम: ॐ विश्वरूपस्य भार्यासि पद्मे पद्मालये शुभे। सर्वतः पाहि मां देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते॥

सामान्य प्रश्न

कोजागरी लक्ष्मी पूजा २०२६ कब है?

२०२६ में कोजागरी लक्ष्मी पूजा 25 अक्टूबर 2026, रविवार, बंगला ८ कार्तिक १४३३ को है।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा २०२६ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?

पूर्णिमा तिथि आरंभ २५ अक्टूबर सुबह ११:५७, समाप्त २६ अक्टूबर सुबह ९:४१। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:२८ और सूर्यास्त संध्या ५:४२। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा की पूजा का शुभ समय कब है?

लक्ष्मी पूजा (प्रदोष काल): २५ अक्टूबर संध्या ५:३८ – संध्या ७:१४।

आने वाले वर्षों में कोजागरी लक्ष्मी पूजा कब है?

२०२५ में 6 अक्टूबर 2025 (सोमवार), २०२७ में 14 अक्टूबर 2027 (गुरुवार), २०२८ में 3 अक्टूबर 2028 (मंगलवार).

पिछले साल कोजागरी लक्ष्मी पूजा कब था?

6 अक्टूबर 2025, सोमवार (बंगला तारीख़ १९ आश्विन १४३२)।

कोजागरी लक्ष्मी पूजा हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?

कोजागरी लक्ष्मी पूजा अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।

त्योहार की तिथि और पंचांग फ़ोन पर देखेंमुफ़्त एंड्रॉयड ऐप · पंचांग, कुंडली और दैनिक सूचनाएँ Get it on Google Play
त्योहार की तिथि सबके लिए एक — आपकी कुंडली केवल आपकी
जन्म तिथि, जन्म समय और स्थान दें और पूरी जन्मकुंडली, दशा व गोचर पाएँ — नि:शुल्क।
🔯 अपनी कुंडली नि:शुल्क देखें 💬 डॉ. आचार्य से बात करें

और देखें

संबंधित त्योहार