जगद्धात्री विसर्जन २०२६ कब है?
Jagaddhatri Bisarjan 2026 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Jagaddhatri Bisarjan 2026 kab hai? — tithi, date aur samay
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — जगद्धात्री दशमी। रोमन हरफ़ में — Jagaddhatri Bisarjan, Jagadhatri Visarjan।
जगद्धात्री विसर्जन २०२६ — तिथि का समय
- दशमी आरंभ
- दशमी समाप्त
- सूर्योदय
- सुबह ६:४८
- सूर्यास्त
- संध्या ५:२६
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
जगद्धात्री विसर्जन २०२६ — पूजा का शुभ मुहूर्त और समय
- दशमी पूजा और विसर्जन
- सूर्योदय – सुबह ७:१६
- राहुकाल
- सुबह १०:४७ – दोपहर १२:०७
पूर्वाह्न = सूर्योदय से दिनमान का पहला तिहाई भाग — नई दिल्ली के सूर्योदय (सूर्य-बिंब का केंद्र) से, IST। राहुकाल अलग से दिया गया है। इस वर्ष तिथि पूर्वाह्न से पहले ही समाप्त (२० नवंबर सुबह ७:१६), इसलिए प्रशस्त समय तब तक।
जगद्धात्री विसर्जन — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 1 नवंबर 2025 | शनिवार | १५ कार्तिक १४३२ |
| २०२६ | 20 नवंबर 2026 | शुक्रवार | ४ अग्रहायण १४३३ |
| २०२७ | 8 नवंबर 2027 | सोमवार | २१ कार्तिक १४३४ |
| २०२८ | 27 अक्टूबर 2028 | शुक्रवार | १० कार्तिक १४३५ |
| २०२९ | 15 नवंबर 2029 | गुरुवार | २९ कार्तिक १४३६ |
| २०३० | 4 नवंबर 2030 | सोमवार | १८ कार्तिक १४३७ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो जगद्धात्री विसर्जन कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
जगद्धात्री विसर्जन किस तिथि को?
चांद्र कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।
जगद्धात्री विसर्जन का महत्व
कार्तिक शुक्ल दशमी — जगद्धात्री पूजा की समाप्ति और विसर्जन।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
विसर्जन करें। प्रसाद वितरित करें।
शुभ समय
दशमी पूजा और विसर्जन: सूर्योदय – सुबह ७:१६।
मंत्र
सामान्य प्रश्न
जगद्धात्री विसर्जन २०२६ कब है?
२०२६ में जगद्धात्री विसर्जन 20 नवंबर 2026, शुक्रवार, बंगला ४ अग्रहायण १४३३ को है।
जगद्धात्री विसर्जन २०२६ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?
दशमी तिथि आरंभ १९ नवंबर सुबह ७:०७, समाप्त २० नवंबर सुबह ७:१६। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:४८ और सूर्यास्त संध्या ५:२६। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
जगद्धात्री विसर्जन की पूजा का शुभ समय कब है?
दशमी पूजा और विसर्जन: सूर्योदय – सुबह ७:१६।
आने वाले वर्षों में जगद्धात्री विसर्जन कब है?
२०२५ में 1 नवंबर 2025 (शनिवार), २०२७ में 8 नवंबर 2027 (सोमवार), २०२८ में 27 अक्टूबर 2028 (शुक्रवार).
पिछले साल जगद्धात्री विसर्जन कब था?
1 नवंबर 2025, शनिवार (बंगला तारीख़ १५ कार्तिक १४३२)।
जगद्धात्री विसर्जन हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?
जगद्धात्री विसर्जन अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।