हरतालिका तीज २०२६ & २०२७ कब है?
Hartalika Tritiya 2027 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Hartalika Tritiya 2026 & 2027 kab hai? — tithi, date aur samay
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — हरितालिका तीज, हरतालिका व्रत। रोमन हरफ़ में — Hartalika Teej, Haritalika Teej, Hartalika Tritiya।
हरतालिका तीज २०२७ — तिथि का समय
- तृतीया आरंभ
- तृतीया समाप्त
- सूर्योदय
- सुबह ६:००
- सूर्यास्त
- संध्या ६:४१
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
हरतालिका तीज २०२७ — शुभ और अशुभ मुहूर्त
(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)
✨ शुभ समय
- लाभ चौघड़िया: सुबह ७:३५ – सुबह ९:१०
- अमृत चौघड़िया: सुबह ९:१० – सुबह १०:४६
- अमृत काल: सुबह १०:१९ – सुबह ११:४९
- अभिजित मुहूर्त: सुबह ११:५५ – दोपहर १२:४६
- शुभ चौघड़िया: दोपहर १२:२१ – दोपहर १:५६
⛔ अशुभ समय
- काल चौघड़िया / राहु काल: सुबह १०:४६ – दोपहर १२:२१
- रोग चौघड़िया: दोपहर १:५६ – अपराह्न २:२०
नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →
हरतालिका तीज — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 26 अगस्त 2025 | मंगलवार | ९ भाद्र १४३२ |
| २०२६ | 14 सितंबर 2026 | सोमवार | २८ भाद्र १४३३ |
| २०२७ | 3 सितंबर 2027 | शुक्रवार | १७ भाद्र १४३४ |
| २०२८ | 22 अगस्त 2028 | मंगलवार | ६ भाद्र १४३५ |
| २०२९ | 11 सितंबर 2029 | मंगलवार | २५ भाद्र १४३६ |
| २०३० | 31 अगस्त 2030 | शनिवार | १४ भाद्र १४३७ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो हरतालिका तीज कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
हरतालिका तीज किस तिथि को?
चांद्र भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।
हरतालिका तीज का महत्व
भाद्र शुक्ल तृतीया। विवाहित एवं कुमारी स्त्रियाँ योग्य पति की प्राप्ति तथा पति की दीर्घायु की कामना से निर्जला उपवास रखती हैं। पार्वती ने यही व्रत करके महादेव को प्राप्त किया था।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
निर्जला उपवास रखें। बालू या मिट्टी से गौरी-शिव की मूर्ति बनाएँ। रात्रि में पुष्प, धूप और दीप से पूजा करें तथा रातभर जागरण करें। अगले दिन जलाशय में विसर्जन करें।
शुभ समय
दिनभर निर्जला उपवास; रात्रि में पूजा और जागरण
मंत्र
सामान्य प्रश्न
हरतालिका तीज २०२७ कब है?
२०२७ में हरतालिका तीज 3 सितंबर 2027, शुक्रवार, बंगला १७ भाद्र १४३४ को है।
हरतालिका तीज २०२७ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?
तृतीया तिथि आरंभ २ सितंबर अपराह्न ४:५०, समाप्त ३ सितंबर अपराह्न २:२०। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:०० और सूर्यास्त संध्या ६:४१। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
हरतालिका तीज की पूजा का शुभ समय कब है?
दिनभर निर्जला उपवास; रात्रि में पूजा और जागरण
आने वाले वर्षों में हरतालिका तीज कब है?
२०२५ में 26 अगस्त 2025 (मंगलवार), २०२६ में 14 सितंबर 2026 (सोमवार), २०२८ में 22 अगस्त 2028 (मंगलवार).
पिछले साल हरतालिका तीज कब था?
14 सितंबर 2026, सोमवार (बंगला तारीख़ २८ भाद्र १४३३)।
हरतालिका तीज हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?
हरतालिका तीज अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।