होली और दोल पूर्णिमा

होली और दोल पूर्णिमा २०२६ & २०२७ कब है?

Dol Purnima 2027 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय

Dol Purnima 2026 & 2027 kab hai? — tithi, date aur samay

२०२७ में होली और दोल पूर्णिमा
22 मार्च 2027, सोमवार
बंगला तारीख़ — ७ चैत्र १४३३
उस दिन का संपूर्ण पंचांग देखिए →

यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — होली, दोल यात्रा, धुलेंडी, रंगवाली होली। रोमन हरफ़ में — Holi, Dol Purnima, Dol Yatra, Happy Holi, Dhulandi, Dol Jatra, Gaura Purnima।

होली और दोल पूर्णिमा २०२७ — तिथि का समय

पूर्णिमा आरंभ
पूर्णिमा समाप्त
सूर्योदय
सुबह ६:२३
सूर्यास्त
संध्या ६:३३

समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।

होली और दोल पूर्णिमा २०२७ — शुभ और अशुभ मुहूर्त

(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)

✨ शुभ समय

⛔ अशुभ समय

नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →

होली और दोल पूर्णिमा — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें

वर्षअंग्रेज़ी तारीख़वारबंगला तारीख़
२०२५14 मार्च 2025शुक्रवार३० फाल्गुन १४३१
२०२६4 मार्च 2026बुधवार१९ फाल्गुन १४३२
२०२७22 मार्च 2027सोमवार७ चैत्र १४३३
२०२८11 मार्च 2028शनिवार२७ फाल्गुन १४३४
२०२९1 मार्च 2029गुरुवार१७ फाल्गुन १४३५
२०३०20 मार्च 2030बुधवार५ चैत्र १४३६

तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।

विदेश में रहते हों तो होली और दोल पूर्णिमा कब?

इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →

होली और दोल पूर्णिमा किस तिथि को?

रंगवाली होली (धुलेंडी) सदा होलिका दहन के अगले दिन होती है — फाल्गुन पूर्णिमा के बाद वाले दिन।

होली और दोल पूर्णिमा का महत्व

फाल्गुन पूर्णिमा को राधा-कृष्ण का दोलोत्सव और श्रीचैतन्य महाप्रभु की जन्मतिथि। वसंत का रंगीन उत्सव।

पूजा विधि और समय

कैसे मनाया जाता है

प्रातः राधा-कृष्ण को अबीर और पुष्प अर्पित करें। मंदिर में कीर्तन सुनें और अबीर खेलने में सम्मिलित हों। चैतन्य महाप्रभु की पूजा करें। अपराह्न में स्वच्छ होकर संध्या में दीप जलाएँ।

शुभ समय

प्रभात से संध्या तक

मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।

सामान्य प्रश्न

होली और दोल पूर्णिमा २०२७ कब है?

२०२७ में होली और दोल पूर्णिमा 22 मार्च 2027, सोमवार, बंगला ७ चैत्र १४३३ को है।

होली और दोल पूर्णिमा २०२७ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?

पूर्णिमा तिथि आरंभ २१ मार्च संध्या ६:२२, समाप्त २२ मार्च अपराह्न ४:१४। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:२३ और सूर्यास्त संध्या ६:३३। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।

होली और दोल पूर्णिमा की पूजा का शुभ समय कब है?

प्रभात से संध्या तक

आने वाले वर्षों में होली और दोल पूर्णिमा कब है?

२०२५ में 14 मार्च 2025 (शुक्रवार), २०२६ में 4 मार्च 2026 (बुधवार), २०२८ में 11 मार्च 2028 (शनिवार).

पिछले साल होली और दोल पूर्णिमा कब था?

4 मार्च 2026, बुधवार (बंगला तारीख़ १९ फाल्गुन १४३२)।

होली और दोल पूर्णिमा हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?

होली और दोल पूर्णिमा अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।

त्योहार की तिथि और पंचांग फ़ोन पर देखेंमुफ़्त एंड्रॉयड ऐप · पंचांग, कुंडली और दैनिक सूचनाएँ Get it on Google Play
त्योहार की तिथि सबके लिए एक — आपकी कुंडली केवल आपकी
जन्म तिथि, जन्म समय और स्थान दें और पूरी जन्मकुंडली, दशा व गोचर पाएँ — नि:शुल्क।
🔯 अपनी कुंडली नि:शुल्क देखें 💬 डॉ. आचार्य से बात करें

और देखें

संबंधित त्योहार