होली और दोल पूर्णिमा २०२६ & २०२७ कब है?
Dol Purnima 2027 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Dol Purnima 2026 & 2027 kab hai? — tithi, date aur samay
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — होली, दोल यात्रा, धुलेंडी, रंगवाली होली। रोमन हरफ़ में — Holi, Dol Purnima, Dol Yatra, Happy Holi, Dhulandi, Dol Jatra, Gaura Purnima।
होली और दोल पूर्णिमा २०२७ — तिथि का समय
- पूर्णिमा आरंभ
- पूर्णिमा समाप्त
- सूर्योदय
- सुबह ६:२३
- सूर्यास्त
- संध्या ६:३३
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
होली और दोल पूर्णिमा २०२७ — शुभ और अशुभ मुहूर्त
(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)
✨ शुभ समय
- अमृत चौघड़िया: सुबह ६:२३ – सुबह ७:५४
- शुभ चौघड़िया: सुबह ९:२६ – सुबह १०:५७
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर १२:०४ – दोपहर १२:५२
- अमृत काल: दोपहर १:५९ – अपराह्न ३:२९
- लाभ चौघड़िया: अपराह्न ३:३१ – संध्या ५:०२
- अमृत चौघड़िया: संध्या ५:०२ – संध्या ६:३३
⛔ अशुभ समय
- राहु काल / काल चौघड़िया: सुबह ७:५४ – सुबह ९:२६
- रोग चौघड़िया: सुबह १०:५७ – दोपहर १२:२८
- उद्वेग चौघड़िया: दोपहर १२:२८ – दोपहर १:५९
नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →
होली और दोल पूर्णिमा — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 14 मार्च 2025 | शुक्रवार | ३० फाल्गुन १४३१ |
| २०२६ | 4 मार्च 2026 | बुधवार | १९ फाल्गुन १४३२ |
| २०२७ | 22 मार्च 2027 | सोमवार | ७ चैत्र १४३३ |
| २०२८ | 11 मार्च 2028 | शनिवार | २७ फाल्गुन १४३४ |
| २०२९ | 1 मार्च 2029 | गुरुवार | १७ फाल्गुन १४३५ |
| २०३० | 20 मार्च 2030 | बुधवार | ५ चैत्र १४३६ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो होली और दोल पूर्णिमा कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
होली और दोल पूर्णिमा किस तिथि को?
रंगवाली होली (धुलेंडी) सदा होलिका दहन के अगले दिन होती है — फाल्गुन पूर्णिमा के बाद वाले दिन।
होली और दोल पूर्णिमा का महत्व
फाल्गुन पूर्णिमा को राधा-कृष्ण का दोलोत्सव और श्रीचैतन्य महाप्रभु की जन्मतिथि। वसंत का रंगीन उत्सव।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
प्रातः राधा-कृष्ण को अबीर और पुष्प अर्पित करें। मंदिर में कीर्तन सुनें और अबीर खेलने में सम्मिलित हों। चैतन्य महाप्रभु की पूजा करें। अपराह्न में स्वच्छ होकर संध्या में दीप जलाएँ।
शुभ समय
प्रभात से संध्या तक
मंत्र
सामान्य प्रश्न
होली और दोल पूर्णिमा २०२७ कब है?
२०२७ में होली और दोल पूर्णिमा 22 मार्च 2027, सोमवार, बंगला ७ चैत्र १४३३ को है।
होली और दोल पूर्णिमा २०२७ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?
पूर्णिमा तिथि आरंभ २१ मार्च संध्या ६:२२, समाप्त २२ मार्च अपराह्न ४:१४। उस दिन सूर्योदय सुबह ६:२३ और सूर्यास्त संध्या ६:३३। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
होली और दोल पूर्णिमा की पूजा का शुभ समय कब है?
प्रभात से संध्या तक
आने वाले वर्षों में होली और दोल पूर्णिमा कब है?
२०२५ में 14 मार्च 2025 (शुक्रवार), २०२६ में 4 मार्च 2026 (बुधवार), २०२८ में 11 मार्च 2028 (शनिवार).
पिछले साल होली और दोल पूर्णिमा कब था?
4 मार्च 2026, बुधवार (बंगला तारीख़ १९ फाल्गुन १४३२)।
होली और दोल पूर्णिमा हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?
होली और दोल पूर्णिमा अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।