चैत्र संक्रांति २०२६ & २०२७ कब है?
Chaitra Sankranti 2027 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Chaitra Sankranti 2026 & 2027 kab hai? — tithi, date aur samay
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — चरक पूजा, नील पूजा। रोमन हरफ़ में — Chaitra Sankranti, Charak Puja, Nil Puja, Gajan।
चैत्र संक्रांति २०२७ — तिथि का समय
- संक्रांति
- सूर्योदय
- भोर ५:५७
- सूर्यास्त
- संध्या ६:४६
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
चैत्र संक्रांति २०२७ — दो पंचांगों में दो तारीख़ें?
- दृक सिद्धांत पंचांग
- 14 अप्रैल 2027, बुधवार
- सूर्य सिद्धांत पंचांग
- 14 अप्रैल 2027, बुधवार
पश्चिम बंगाल में प्रचलित कई पंचांग सूर्य सिद्धांत मानता है — ग्रहों की मध्यम गति से। हमारी गणना दृक सिद्धांत मानती है — ग्रहों की वास्तविक दृश्य स्थिति से। इसलिए संक्रांति का क्षण कुछ घंटे अलग होता है, और सौर पर्व का दिन एक दिन खिसक सकता है। इस पृष्ठ की सभी तारीख़ें दृक सिद्धांत के अनुसार हैं। दोनों परंपराएँ पश्चिम बंगाल में प्रचलित हैं — कौन-सी मानें, यह पारिवारिक और स्थानीय रीति की बात है।
दोनों पंचांगों में अंतर क्यों होता है, और ग्रहण का समय सब पंचांगों में एक क्यों रहता है — पूरी व्याख्या पढ़ें (अंग्रेज़ी में)।
चैत्र संक्रांति — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 14 अप्रैल 2025 | सोमवार | ३१ चैत्र १४३१ |
| २०२६ | 14 अप्रैल 2026 | मंगलवार | ३० चैत्र १४३२ |
| २०२७ | 14 अप्रैल 2027 | बुधवार | ३० चैत्र १४३३ |
| २०२८ | 13 अप्रैल 2028 | गुरुवार | ३० चैत्र १४३४ |
| २०२९ | 14 अप्रैल 2029 | शनिवार | ३१ चैत्र १४३५ |
| २०३० | 14 अप्रैल 2030 | रविवार | ३० चैत्र १४३६ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो चैत्र संक्रांति कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
चैत्र संक्रांति किस तिथि को?
सौर चैत्र मास का अंतिम दिन (मासांत) — सूर्य के राशि-संक्रमण का दिन।
चैत्र संक्रांति का महत्व
सूर्य का मेष राशि में प्रवेश। बांग्ला वर्ष का अंतिम दिन। चड़क पूजा और गाजन।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
गंगा स्नान करें और दान-पुण्य करें। शिव की चड़क पूजा।
शुभ समय
सूर्योदय से सूर्यास्त तक
मंत्र
सामान्य प्रश्न
चैत्र संक्रांति २०२७ कब है?
२०२७ में चैत्र संक्रांति 14 अप्रैल 2027, बुधवार, बंगला ३० चैत्र १४३३ को है।
चैत्र संक्रांति २०२७ में संक्रांति कब है?
संक्रांति का क्षण १४ अप्रैल अपराह्न ३:३२। उस दिन सूर्योदय भोर ५:५७ और सूर्यास्त संध्या ६:४६। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
चैत्र संक्रांति की पूजा का शुभ समय कब है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक
आने वाले वर्षों में चैत्र संक्रांति कब है?
२०२५ में 14 अप्रैल 2025 (सोमवार), २०२६ में 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार), २०२८ में 13 अप्रैल 2028 (गुरुवार).
पिछले साल चैत्र संक्रांति कब था?
14 अप्रैल 2026, मंगलवार (बंगला तारीख़ ३० चैत्र १४३२)।
चैत्र संक्रांति लगभग एक ही अंग्रेज़ी तारीख़ को क्यों पड़ता है?
चैत्र संक्रांति सूर्य के राशि-परिवर्तन (संक्रांति) पर निर्भर है, चंद्र की तिथि पर नहीं। सौर हिसाब अंग्रेज़ी कैलेंडर के साथ चलता है, इसलिए तारीख़ साल में एक-दो दिन से ज़्यादा नहीं खिसकती।