वट सावित्री पूर्णिमा २०२६ & २०२७ कब है?
Bat Savitri Purnima 2027 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Bat Savitri Purnima 2026 & 2027 kab hai? — tithi, date aur samay
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — वट पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत। रोमन हरफ़ में — Vat Savitri Purnima, Vat Purnima, Bat Savitri।
वट सावित्री पूर्णिमा २०२७ — तिथि का समय
- पूर्णिमा आरंभ
- पूर्णिमा समाप्त
- सूर्योदय
- भोर ५:२३
- सूर्यास्त
- संध्या ७:२१
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
वट सावित्री पूर्णिमा २०२७ — शुभ और अशुभ मुहूर्त
(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)
✨ शुभ समय
- लाभ चौघड़िया: सुबह ७:०८ – सुबह ८:५३
- अमृत चौघड़िया: सुबह ८:५३ – सुबह १०:३८
- अभिजित मुहूर्त: सुबह ११:५४ – दोपहर १२:५०
- शुभ चौघड़िया: दोपहर १२:२२ – अपराह्न २:०७
- अमृत काल: अपराह्न २:०५ – अपराह्न ३:५०
⛔ अशुभ समय
- काल चौघड़िया / राहु काल: सुबह १०:३८ – दोपहर १२:२२
- रोग चौघड़िया: अपराह्न २:०७ – अपराह्न ३:५२
- उद्वेग चौघड़िया: अपराह्न ३:५२ – संध्या ५:३६
नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →
वट सावित्री पूर्णिमा — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 11 जून 2025 | बुधवार | २७ ज्येष्ठ १४३२ |
| २०२६ | 29 जून 2026 | सोमवार | १४ आषाढ़ १४३३ |
| २०२७ | 18 जून 2027 | शुक्रवार | ३ आषाढ़ १४३४ |
| २०२८ | 7 जून 2028 | बुधवार | २४ ज्येष्ठ १४३५ |
| २०२९ | 26 जून 2029 | मंगलवार | ११ आषाढ़ १४३६ |
| २०३० | 15 जून 2030 | शनिवार | ३१ ज्येष्ठ १४३७ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो वट सावित्री पूर्णिमा कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
वट सावित्री पूर्णिमा किस तिथि को?
चांद्र ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।
वट सावित्री पूर्णिमा का महत्व
ज्येष्ठ पूर्णिमा को सावित्री-सत्यवान की कथा के स्मरण में वटवृक्ष की पूजा।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
वटवृक्ष पर सूत लपेटकर प्रदक्षिणा करें।
शुभ समय
प्रातःकाल से मध्याह्न तक
मंत्र
सामान्य प्रश्न
वट सावित्री पूर्णिमा २०२७ कब है?
२०२७ में वट सावित्री पूर्णिमा 18 जून 2027, शुक्रवार, बंगला ३ आषाढ़ १४३४ को है।
वट सावित्री पूर्णिमा २०२७ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?
पूर्णिमा तिथि आरंभ १८ जून भोर ४:३५, समाप्त १९ जून सुबह ६:१४। उस दिन सूर्योदय भोर ५:२३ और सूर्यास्त संध्या ७:२१। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
वट सावित्री पूर्णिमा की पूजा का शुभ समय कब है?
प्रातःकाल से मध्याह्न तक
आने वाले वर्षों में वट सावित्री पूर्णिमा कब है?
२०२५ में 11 जून 2025 (बुधवार), २०२६ में 29 जून 2026 (सोमवार), २०२८ में 7 जून 2028 (बुधवार).
पिछले साल वट सावित्री पूर्णिमा कब था?
29 जून 2026, सोमवार (बंगला तारीख़ १४ आषाढ़ १४३३)।
वट सावित्री पूर्णिमा हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?
वट सावित्री पूर्णिमा अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।