वरुथिनी एकादशी २०२६ & २०२७ कब है?
Varuthini Ekadashi 2027 · दृक सिद्धांत पंचांग के अनुसार तिथि निर्णय
Varuthini Ekadashi 2026 & 2027 kab hai? — tithi, date aur samay
यह पर्व इन नामों से भी जाना और खोजा जाता है — वरुथिनी ग्यारस। रोमन हरफ़ में — Varuthini Ekadashi, Varuthini Gyaras, Baruthini Ekadashi।
वरुथिनी एकादशी २०२७ — तिथि का समय
- एकादशी आरंभ
- एकादशी समाप्त
- सूर्योदय
- भोर ५:४०
- सूर्यास्त
- संध्या ६:५७
समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय-सूर्यास्त नई दिल्ली के। अपने शहर का समय देखने के लिए उस दिन के पंचांग में अपना शहर चुनें।
वरुथिनी एकादशी २०२७ — शुभ और अशुभ मुहूर्त
(समय नई दिल्ली के अनुसार, IST)
✨ शुभ समय
- लाभ चौघड़िया: सुबह ८:५९ – सुबह १०:३९
- अमृत चौघड़िया: सुबह १०:३९ – दोपहर १२:१८
- अभिजित मुहूर्त: सुबह ११:५२ – दोपहर १२:४५
- शुभ चौघड़िया: दोपहर १:५८ – अपराह्न ३:३७
- अमृत काल: संध्या ६:१२ – संध्या ६:५७
⛔ अशुभ समय
- उद्वेग चौघड़िया: भोर ५:४० – सुबह ७:१९
- काल चौघड़िया: दोपहर १२:१८ – दोपहर १:५८
- रोग चौघड़िया: अपराह्न ३:३७ – संध्या ५:१७
- राहु काल / उद्वेग चौघड़िया: संध्या ५:१७ – संध्या ६:५७
नोट: ये समय नई दिल्ली के सूर्योदय (IST) से गणना किए गए हैं और केवल उत्सव के दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तिथि के भीतर के हैं। ये सामान्य शुभ-अशुभ समय हैं, पूजा का निश्चित मुहूर्त नहीं। अपने शहर का समय — उस दिन के पंचांग में स्थान बदलें →
वरुथिनी एकादशी — २०२५ से २०३० तक की तारीख़ें
| वर्ष | अंग्रेज़ी तारीख़ | वार | बंगला तारीख़ |
|---|---|---|---|
| २०२५ | 24 अप्रैल 2025 | गुरुवार | १० वैशाख १४३२ |
| २०२६ | 13 अप्रैल 2026 | सोमवार | २९ चैत्र १४३२ |
| २०२७ | 2 मई 2027 | रविवार | १८ वैशाख १४३४ |
| २०२८ | 20 अप्रैल 2028 | गुरुवार | ७ वैशाख १४३५ |
| २०२९ | 9 मई 2029 | बुधवार | २५ वैशाख १४३६ |
| २०३० | 28 अप्रैल 2030 | रविवार | १४ वैशाख १४३७ |
तारीख़ें MyAstrology के अपने गणना-इंजन से दृक सिद्धांत द्वारा नई दिल्ली (२८.६१° उ., ७७.२१° पू.) के लिए निकाली गई हैं।
विदेश में रहते हों तो वरुथिनी एकादशी कब?
इस पन्ने की तारीख़ें नई दिल्ली (दृक सिद्धांत) की हैं; पूरे भारत में तारीख़ लगभग सदा यही रहती है। विदेश में अपने सूर्योदय की तिथि से कभी-कभी एक दिन का अंतर हो सकता है।
फिर भी सूर्योदय, तिथि समाप्ति और शुभ मुहूर्त आपके शहर के अनुसार अलग होंगे — देखने के लिए पंचांग में अपना शहर चुनें →
वरुथिनी एकादशी किस तिथि को?
चांद्र चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि। तिथि उदयव्यापिनी नियम से निर्धारित होती है — अर्थात सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो।
वरुथिनी एकादशी का महत्व
वैशाख कृष्ण एकादशी। पापनाश और पुण्य अर्जन का दिन।
पूजा विधि और समय
कैसे मनाया जाता है
उपवास रखें और विष्णु की पूजा करें।
शुभ समय
पूरे दिन
मंत्र
सामान्य प्रश्न
वरुथिनी एकादशी २०२७ कब है?
२०२७ में वरुथिनी एकादशी 2 मई 2027, रविवार, बंगला १८ वैशाख १४३४ को है।
वरुथिनी एकादशी २०२७ की तिथि कब आरंभ और कब समाप्त होती है?
एकादशी तिथि आरंभ १ मई संध्या ६:५४, समाप्त २ मई संध्या ७:५२। उस दिन सूर्योदय भोर ५:४० और सूर्यास्त संध्या ६:५७। समय भारतीय मानक समय (IST) में; सूर्योदय नई दिल्ली का।
वरुथिनी एकादशी की पूजा का शुभ समय कब है?
पूरे दिन
आने वाले वर्षों में वरुथिनी एकादशी कब है?
२०२५ में 24 अप्रैल 2025 (गुरुवार), २०२६ में 13 अप्रैल 2026 (सोमवार), २०२८ में 20 अप्रैल 2028 (गुरुवार).
पिछले साल वरुथिनी एकादशी कब था?
13 अप्रैल 2026, सोमवार (बंगला तारीख़ २९ चैत्र १४३२)।
वरुथिनी एकादशी हर साल अलग तारीख़ को क्यों पड़ता है?
वरुथिनी एकादशी अंग्रेज़ी तारीख़ से नहीं, चांद्रमास की तिथि से होता है। चांद्रवर्ष सौरवर्ष से लगभग ११ दिन छोटा है, इसलिए हर साल दिन अंग्रेज़ी कैलेंडर में लगभग ११ दिन आगे आ जाता है। अंतर ज़्यादा बढ़ने पर अधिमास (मलमास) जुड़कर हिसाब मिला देता है — उस वर्ष दिन लगभग एक माह पीछे चला जाता है।